मेरी कलम से !!

कहते हैं जो गिरने से डरा नहीं करते, अक्सर वही आसमान को छु लिया करते हैं.........

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मैने मेरे जाना अभी है जाना........

Posted On: 9 Apr, 2013 में

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अब सवालो का जवाब हल नही होता।
तेरे बिना अब मेरा कल नही होता ।
यूँ तो पहले भी फिरते थे आवारा गलियों में,
पर अब दिल वो शल-शल नहीं होता ।
.
कभी किताबो में लिखा तेरे ख्वाबो को हमने।
गुलिश्तायें रौसन चिरागों को हमने।
तस्वीरों में उतरा तेरी चाहतो की खुमारी,
अब किसी और चहरे का हमसे नक़ल नही होता।
.
ये घरौंदा मोहब्बत का बनाया है अब तो।
फूलो की लड़ियो से सजाया है अब तो।
महकने लगी तेरी चाहतो की खुसबू,
टूटने के डर से अब इसमे हलचल नही होता

.

वो प्यार ही क्या जो हदों में रहे।
वो नशा ही क्या जो माय्कदो में रहे।
जब होश ही गवाया तेरी आशिक़ी मे हमने,
फिर दिलो दिमाग सजल नही होता।…
.
अब तो रास्तो मे वो दल दल नही होता।
डूबे रहते तेरी सिद्दतों मे अब दिल बेकल नही होता।
गुमते फिरते है उन मोहब्बत की गलियो मे,
फिर भी दिल मे वो शल शल नही होता।

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5 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

prakash jaiswal के द्वारा
20/09/2013

कविता अच्छी लगी

    Pradeep Kesarwani के द्वारा
    11/04/2013

    शलिनी जी धन्यवाद, आपने इन पंक्तियो को इतना सराहा और मेरा उत्साह वर्धन किया….

Madan Mohan saxena के द्वारा
10/04/2013

बहुत सुंदर भावनायें और शब्द भी …बेह्तरीन अभिव्यक्ति …!!शुभकामनायें. आपका ब्लॉग देखा मैने और कुछ अपने विचारो से हमें भी अवगत करवाते रहिये.

    Pradeep Kesarwani के द्वारा
    10/04/2013

    मदन जी आपका आभार, जो आपने अपना कीमती समय निकाल कर मेरे ब्लॉग को पढ़ा। मदन जी हृदय से धन्यवाद जो हमे इस काबिल समझा और मेरे विचारो को सराहा।


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