मेरी कलम से !!

कहते हैं जो गिरने से डरा नहीं करते, अक्सर वही आसमान को छु लिया करते हैं.........

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हिन्दी को एक नया आयाम देती हिन्दी ब्लॉगिंग "Contest"

Posted On: 20 Sep, 2013 Contest में

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“नव परिवर्तनों के दौर में हिन्दी ब्लॉगिंग”

हिन्दी का पेड़

परिवर्तन तो कल भी हुए थे आज भी हो रहे है और आगे भी होते रहेंगे इसका मतलब ये नही हैं की हम अपनी माँ को माँ कहने छोड़ दे, हिन्दी ब्लॉगिंग भी इसी परिवर्तन के द्वारा दिया गया हिन्दी भाषा को एक ऐसा सम्मान हैं, जिसके जरिये सभी देशवाशी न केवल अपने भाई बहनो के सामने आकार बल्कि पूरे दुनिया के सामने आकार अपनी बातों को बिना हिचकिचाये गर्व के साथ रख सकते हैं, परिवर्तन जरूर हुआ पहले हमारी बातों हमारे दिल मे छुपी होती थी, और आज एक नायाब पन्ने मे लिखी होती है। ये परिवर्तन ही हैं की पहले अपना अस्तित्व को दुनिया से छुपाते थे और आज गर्व से हम दुनिया के सामने अपनी बातों को बताते हैं । ये परिवर्तन ही है जो हिन्दी टंकण को और भी सुलभ बनाने के लिए हिंगलिश टंकण भाषा का जन्म हुआ, ये परिवर्तन ही हैं की अब घर मे रहने वाली महिलाए बढ़चढ़कर इस प्रतियोगिता मे भाग ले रही हैं, ये परिवर्तन ही हैं ही गाँव का हो या शहरी सब लोग अपने बिचारो को इस मंच पर रख रहे हैं। ये परिवर्तन ही हैं इनते बड़े मंच पे कोई भेदभाव नही हैं। ये परिवर्तन ही तो हैं इस मंच पर न कोई संपादक हैं और न ही रचयिता, सब हिंदुस्तान के आम नागरिक की तरह अपनी बातों को अपनी बुद्धि क्षमता के हिसाब से लिखते हैं और सम्पादन हेतु पोस्ट करते हैं। इस पेड़ की हर पत्तियों मे जैसे हिन्दी समाई हैं वैसे ही अब हमको अपने रोम रोम मे हिन्दी को बसाना हैं।

Quote

हिन्दी ब्लॉगिंग मेरी समझ से हिन्दी को दिया गया, एक ऐसा आयाम हैं जिसके जरिये हम पूरी दुनिया सामने आकार गर्व से कह सकते हैं ये हैं हमारी सभ्यता, ये हैं हमारी संस्कृति, हमारी मात्र भाषा हिन्दी हैं, हम कल भी हिंदुस्तानी थे, और आज हैं, और आगे भी भी रहेंगे, हिन्दी भाषा से प्रेम को दिखलाने और बतलाने के लीए हिन्दी ब्लॉगिंग एक ऐसा मंच हाँ जहां से ये साफ हो जाता हैं,

“सूरत बदली, सीरत बदली, और बदला हैं इंसान

सबको मात देती, आज भी हिन्दी है अपनी जुबान”

कहते हैं गुड़ खाके पानी पीने से जो तृप्ति मिलती हैं, कोई सॉफ्ट ड्रिंक कभी भी नहीं दे सकती, हिन्दी भी उसी गुड़ की भांति मीठी हैं, और ब्लॉग लिखने मे या अपनी बातों को समाज के सामने रखने मे जो तृप्ति हिन्दी भाषा दे सकती हैं, वो कोई और भाषा किसी भी युग मे नहीं दे सकती।
कल क्या कदम उठाए गए थे, और आगे क्या कदम उठाए जाएंगे हिन्दी भाषा को आगे बड़ाने के लिए मे उसपर कोई टिपप्ण्णि नहीं करूंगा, क्योकि करना मुझे आज है कल की सोच सिर्फ हमे या तों निरासा और या दिल को शांति ही दे सकती हैं। और जो आज परवाह करते हैं उनमे तेज़, जुनून, जज्बा, संगर्ष, और आज की स्थिति समझने की परख होती हैं, और यही आत्मविश्वास आज हिन्दी भाषा को चाहिए।  ताकि वो पुनः अपने प्रवाह मे आ जाए।
आज बहू चर्चित टीवी शो बिग बॉस ने हिन्दी भाषा मे बात करना अनिवार्य किया हैं चाहे वो हिंदुस्तानी हो या फिर कोई विदेशी हो, इस टीवी शो का मकसद बस इतना ही की हिन्दी भाषा एक बड़े मंच पर सम्मान मिले, बस यही मंच हिन्दी भाषा को आज चाहिए जिसमे सभी हिंदुस्तानी बढ़चढ़कर हिस्सा ले और हिन्दी भाषा को एक नई उचाई तक ले के जाएँ, ताकि फिर से हम हिन्दी भाषा को उसका दर्जा दिलाने के लिए न लड़े।

हिन्दी प्रोतशाहन हेतु एक कविता पेश हैं “उम्मीद है हम आसमान की बिलन्दियों को जरूर छुएंगे “

ddfddfहम चढ़े, हम बढ़े।
सम्मान के लिए हर बार लड़े।
हिन्दी जुबा पे रख के यारो,
आओ हम पढे, हम पढे।
हम अड़े, हम जड़े।
पग पे चाहे कांटे पड़े,
बुलन्दियो पे पाहुचा दे हिन्दी को,
आओ हम पढे, हम पढे।
रास्ते हो चाहे जीतने कड़े।
चाहे कोई हमपर दोष मढ़े।
हिन्दी की हरयाली, आओ बिखेरे हर जगह
आओ हम पढे, हम पढे,

जय हिन्द !!! जय भारत !!!

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80 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

ram kumar के द्वारा
03/10/2013

अभिलेख बहुत अच्छा है

Minakshi Singh के द्वारा
02/10/2013

“सूरत बदली, सीरत बदली, और बदला हैं इंसान सबको मात देती, आज भी हिन्दी है अपनी जुबान” बहुत खूबसूरत बात बोली आपने, आभार

    Pradeep Kesarwani के द्वारा
    03/10/2013

    प्रोत्शाहन बढ़ने के लिए हार्दिक धन्यवाद्

Dipali के द्वारा
02/10/2013

हम पढ़े हम बढे, आओ हम सब हिंदी पढ़े बहुत खूब

    Pradeep Kesarwani के द्वारा
    03/10/2013

    दीपाली जी धन्यवाद्

Rupa Jaiswal के द्वारा
01/10/2013

सार्थक अभिव्यक्ति आभार 

    Pradeep Kesarwani के द्वारा
    03/10/2013

    रूपा जी हरदिन धन्यवाद्

Rahul gupta के द्वारा
30/09/2013

लेख अच्छा है

    Pradeep Kesarwani के द्वारा
    03/10/2013

    राहुल जी धन्यवाद्

Soni verma के द्वारा
30/09/2013

हिंदी ब्लॉगिंग बहुत अच्छी लेख है

    Pradeep Kesarwani के द्वारा
    03/10/2013

    सोनी जी धन्यवाद्

suresh3 के द्वारा
28/09/2013

हिंदी ब्लॉगिंग को आगे बढ़ाने के लिए धन्यबाद

    Pradeep Kesarwani के द्वारा
    03/10/2013

    सुरेश जी धन्यवाद्

Ram Siingh के द्वारा
27/09/2013

हम चढ़े हम बढे आओ चले हिंदी पढ़े बहुत खूब आभार

    Pradeep Kesarwani के द्वारा
    28/09/2013

    राम सिंह जी पेज पर आने, लेखन को पढ़ने तथा अपनी प्रतिकृया देने हेतु हार्दिक धन्यवाद

Pradeep Kashyap के द्वारा
26/09/2013

भाई प्रदीप जी सच में आज भी हिंदी भाषा सबको मात दे रही हैं सुन्दर लेखन आभार

    Pradeep Kesarwani के द्वारा
    28/09/2013

    प्रदीप जी पेज पर आने, लेखन को पढ़ने तथा अपनी प्रतिकृया देने हेतु हार्दिक धन्यवाद

Sufiya Nayab के द्वारा
26/09/2013

कहते हैं गुड़ खाके पानी पीने से जो तृप्ति मिलती हैं, कोई सॉफ्ट ड्रिंक कभी भी नहीं दे सकती, हिन्दी भी उसी गुड़ की भांति मीठी हैं, और ब्लॉग लिखने मे या अपनी बातों को समाज के सामने रखने मे जो तृप्ति हिन्दी भाषा दे सकती हैं, वो कोई और भाषा किसी भी युग मे नहीं दे सकती। बुल्कुल सही आपने भाषा का स्वाद तो हिंदी दे सकती है.. आभार

    Pradeep Kesarwani के द्वारा
    28/09/2013

    जी बिलकुल सुफिया जी पेज पर आने, लेखन को पढ़ने तथा अपनी सुन्दर प्रतिकृया देने हेतु हार्दिक धन्यवाद

Asha srivastava के द्वारा
26/09/2013

बहुत खूब कहा है अपने .

    Pradeep Kesarwani के द्वारा
    28/09/2013

    आशा जी पेज पर आने, लेखन को पढ़ने तथा अपनी प्रतिकृया देने हेतु हार्दिक धन्यवाद

ram kumar के द्वारा
26/09/2013

आपका ब्लाक अच्छा है

    Pradeep Kesarwani के द्वारा
    28/09/2013

    राम जी पेज पर आने, लेखन को पढ़ने तथा अपनी प्रतिकृया देने हेतु हार्दिक धन्यवाद

Jaya Tiwari के द्वारा
26/09/2013

केसरवानी जी बहुत ही सही कहा अपने, हिंदी भाषा को कोई प्रचार प्रसार की वैसे तो कोई जरुरत नही हैं लेकिन भाषा को जब तक कोई मंच नही दिया जायेगा तब तक भाषा को बहुत ही परेसनियो से होकर गुजरना होगा…… “सूरत बदली, सीरत बदली, और बदला हैं इंसान सबको मात देती, आज भी हिन्दी है अपनी जुबान”….अनमोल पंक्तियाँ आभार

    Pradeep Kesarwani के द्वारा
    28/09/2013

    जाया जी जी बिलकुल पेज पर आने, लेखन को पढ़ने तथा अपनी प्रोत्शाहन मय प्रतिकृया देने हेतु हार्दिक धन्यवाद

Santlal Karun के द्वारा
25/09/2013

आप ने चर्चित विषय पर व्यापक चिंतन के साथ सचित्र, संक्षिप्त और संतुलित निबंध प्रस्तुत किया है; हार्दिक साधुवाद एवं सद्भावनाएँ !

    Pradeep Kesarwani के द्वारा
    28/09/2013

    संतलाल जी मैं आज की सोचता हूँ, इसलिए आज क्या जिंदगी में हैं उसपर ही चर्चा किया, कल का मुझे नही पता क्या होगा, पेज पर आने, लेखन को पढ़ने तथा अपनी प्रतिकृया देने हेतु हार्दिक धन्यवाद

yamunapathak के द्वारा
25/09/2013

बहुत सुन्दर लेख है .हिन्दी वाकई प्रत्येक भारतीय का गर्व है. साभार

    Pradeep Kesarwani के द्वारा
    28/09/2013

    यमुना पाठक जी, जी बिलकुल पेज पर आने, लेखन को पढ़ने तथा अपनी प्रतिकृया देने हेतु हार्दिक धन्यवाद

Sunil pal के द्वारा
25/09/2013

लेख अच्छा है ….

    Pradeep Kesarwani के द्वारा
    28/09/2013

    सुनील जी जी बिलकुल पेज पर आने, लेखन को पढ़ने तथा अपनी प्रतिकृया देने हेतु हार्दिक धन्यवाद

Ritu Gupta के द्वारा
25/09/2013

सच्च में हिंदी आज भी सब को मात देती है उत्तम लेख

    Pradeep Kesarwani के द्वारा
    28/09/2013

    ऋतू जी जी बिलकुल पेज पर आने, लेखन को पढ़ने तथा अपनी सुन्दर प्रतिकृया देने हेतु हार्दिक धन्यवाद

vinod kumar के द्वारा
25/09/2013

आज के युग में हिंदी के लिए हिंदी ब्लॉगिंग अच्छा है ….

    Pradeep Kesarwani के द्वारा
    28/09/2013

    विनोद जी बिलकुल पेज पर आने, लेखन को पढ़ने तथा अपनी प्रतिकृया देने हेतु हार्दिक धन्यवाद

Bhagwan Babu 'Shajar' के द्वारा
25/09/2013

बहुत सुन्दर….

    Pradeep Kesarwani के द्वारा
    28/09/2013

    भगवान बाबु जी, पेज पर आने, लेखन को पढ़ने तथा अपनी प्रतिकृया देने हेतु हार्दिक धन्यवाद

PAPI HARISHCHANDRA के द्वारा
24/09/2013

प्रदीप…जैसा नाम वैसा ही सुन्दर आभूसीत लेख के साथ सुन्दर सपने ..बधाई….ओम…शांति शांति शांति…..जपते गौरवांन्वित होना ही होगा ….,

    Pradeep Kesarwani के द्वारा
    28/09/2013

    हरिश्चंद्र जी ॐ शांति शांति शांति ,,पेज पर आने, लेखन को पढ़ने तथा अपनी प्रतिकृया देने हेतु हार्दिक धन्यवाद

24/09/2013

बहुत अच्छा लिखा है. बधाई.

    Pradeep Kesarwani के द्वारा
    28/09/2013

    विजय जी पेज पर आने, लेखन को पढ़ने तथा अपनी प्रतिकृया देने हेतु हार्दिक धन्यवाद

Raj Bahadur के द्वारा
23/09/2013

बहुत खूब सुन्दर आलेख बधाई..

    Pradeep Kesarwani के द्वारा
    28/09/2013

    पेज पर आने, लेखन को पढ़ने तथा अपनी प्रतिकृया देने हेतु हार्दिक धन्यवाद

vikash pathak के द्वारा
23/09/2013

आज के युग में हिन्दी ब्लॉगिंग अच्छी है सुचाव अच्छा है

    Pradeep Kesarwani के द्वारा
    28/09/2013

    जी बिलकुल पेज पर आने, लेखन को पढ़ने तथा अपनी प्रतिकृया देने हेतु हार्दिक धन्यवाद

Shudha Bajpai के द्वारा
23/09/2013

लेख अच्छा है हिंदी आज एक नए आयाम में पहुच चूका है जो की उसे होना चाहिए

    Pradeep Kesarwani के द्वारा
    28/09/2013

    शुदा जी पेज पर आने, लेखन को पढ़ने तथा अपनी प्रतिकृया देने हेतु हार्दिक धन्यवाद

prateek56 के द्वारा
23/09/2013

हा ये तो है की हिंदी आज भी बड़े सम्मान के साथ बोल जाता है और आगे भी होगा

    Pradeep Kesarwani के द्वारा
    28/09/2013

    जी बिलकुल , पेज पर आने, लेखन को पढ़ने तथा अपनी प्रतिकृया देने हेतु हार्दिक धन्यवाद

Richa Rajpoot के द्वारा
22/09/2013

बहुत सुन्दर, प्रदीप जी कहते हैं गुड़ खाके पानी पीने से जो तृप्ति मिलती हैं, कोई सॉफ्ट ड्रिंक कभी भी नहीं दे सकती, हिन्दी भी उसी गुड़ की भांति मीठी हैं, और ब्लॉग लिखने मे या अपनी बातों को समाज के सामने रखने मे जो तृप्ति हिन्दी भाषा दे सकती हैं, सब कुछ न कहते हुए भी सब कुछ कह दिया अपने.. आभार

    Pradeep Kesarwani के द्वारा
    28/09/2013

    ऋचा जी पेज पर आने, लेखन को पढ़ने तथा अपनी सुन्दर प्रतिकृया देने हेतु हार्दिक धन्यवाद

bhanuprakashsharma के द्वारा
22/09/2013

सही कहा आपने,सुंदर आलेख, बधाई।

    Pradeep Kesarwani के द्वारा
    28/09/2013

    भानु जी पेज पर आने, लेखन को पढ़ने तथा अपनी प्रतिकृया देने हेतु हार्दिक धन्यवाद

Neha Kushwaha के द्वारा
22/09/2013

बहुत खूब आभार

    Pradeep Kesarwani के द्वारा
    28/09/2013

    नेहा जी पेज पर आने, लेखन को पढ़ने तथा अपनी प्रतिकृया देने हेतु हार्दिक धन्यवाद

Anand Bhusan के द्वारा
22/09/2013

बिलकुल सही कहा आपने, हमें आज की सोचनी है क्योकि जो करना हैं हमें आज ही करना हैं, और ये आज की ही सोच जो दैनिक जागरण द्वारा हिंदी में ब्लॉग की प्रतियोगिता का आयोजन हुआ हैं… सुन्दर लेख आभार

    Pradeep Kesarwani के द्वारा
    28/09/2013

    जी बिलकुल, पेज पर आने, लेखन को पढ़ने तथा अपनी प्रतिकृया देने हेतु हार्दिक धन्यवाद

Santosh Varma के द्वारा
21/09/2013

सुन्दर अभिलेख आभार…… सब पढ़े सब बढे ……..

    Pradeep Kesarwani के द्वारा
    28/09/2013

    सोंतोश जी पेज पर आने, लेखन को पढ़ने तथा अपनी प्रतिकृया देने हेतु हार्दिक धन्यवाद

Sonam Varma के द्वारा
21/09/2013

“सूरत बदली, सीरत बदली, और बदला हैं इंसान सबको मात देती, आज भी हिन्दी है अपनी जुबान”….. बहुत सुंदर पंक्तीय॥ आभार

    Pradeep Kesarwani के द्वारा
    28/09/2013

    सोनम जी पेज पर आने, लेखन को पढ़ते तथा अपनी प्रतिकृया देने हेतु हार्दिक धन्यवाद

seemakanwal के द्वारा
21/09/2013

हिन्दी भी उसी गुड़ की भांति मीठी हैं, और ब्लॉग लिखने मे या अपनी बातों को समाज के सामने रखने मे जो तृप्ति हिन्दी भाषा दे सकती हैं, वो कोई और भाषा किसी भी युग मे नहीं दे सकती। बहुत सही लिखा आभार

    Pradeep Kesarwani के द्वारा
    28/09/2013

    सीमा जी पेज पर आने, लेखन को पढ़ते तथा अपनी प्रतिकृया देने हेतु हार्दिक धन्यवाद

    Pradeep Kesarwani के द्वारा
    28/09/2013

    पंकज जी आपने हमें इस लायक समझा की हम आपका लेख पढ़ सके धन्यवाद् पेज पर आने, लेकन को पढ़ते तथा अपनी प्रतिकृया देने हेतु हार्दिक धन्यवाद

Veer Pal के द्वारा
21/09/2013

अभिलेख तो सही है हिंदी भाषा तो हमारी सभ्यता से ही चली आ रही है और चलती रहेगी /

    Pradeep Kesarwani के द्वारा
    28/09/2013

    जी बिलकुल, पेज पर आने, लेकन को पढ़ते तथा अपनी प्रतिकृया देने हेतु हार्दिक धन्यवाद

Kaushal Soni के द्वारा
21/09/2013

हिंदी को इसी तरह आगे बढ़ाते रहो तभी हमारा देश तरकी करेगा और देश तरकी करेगा तो हम तरकी करेगे धन्यबाद

    Pradeep Kesarwani के द्वारा
    28/09/2013

    जी कौशल जी पेज पर आने, लेखन को पढ़ने तथा अपनी प्रतिकृया देने हेतु हार्दिक धन्यवाद

Gitanjali Verma के द्वारा
21/09/2013

आपकी सुरूवात अच्छी लगी

    Pradeep Kesarwani के द्वारा
    24/09/2013

    गीतांजलि जी लेख पढ़ने और प्रोत्शाहन के धन्यवाद्

    Pradeep Kesarwani के द्वारा
    28/09/2013

    पेज पर आने, लेकन को पढ़ते तथा अपनी प्रतिकृया देने हेतु हार्दिक धन्यवाद

Prasneet Yadav के द्वारा
21/09/2013

“ये परिवर्तन ही तो हैं इस मंच पर न कोई संपादक हैं और न ही रचयिता, सब हिंदुस्तान के आम नागरिक की तरह अपनी बातों को अपनी बुद्धि क्षमता के हिसाब से लिखते हैं और सम्पादन हेतु पोस्ट करते हैं। इस पेड़ की हर पत्तियों मे जैसे हिन्दी समाई हैं वैसे ही अब हमको अपने रोम रोम मे हिन्दी को बसाना हैं।” दोस्त लेख बहुत अच्छा लिखा, जागरण जंक्शन मे पोस्ट हो रहे अधिकांश दोस्तो के पोस्ट पढे मैंने लग रहा है हम हिंदुस्तान मे रह रहे है, आज हिन्दी देवनागरी लिपि मे हम अपनी बात ब्लॉग पर लिख सकते है बेहतर से बेहतर ढंग से अपनी बुद्धि क्षमता के अनुसार, दूर दूर तक अपनी आवाज़ पहुंचा सकते है, अधिक से अधिक लोगों को अपने सर्कल मे जोड़ सकते है, सुविधाएँ बहुत सारी है बस थोड़ी मेहनत है हिन्दी का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल हमे ही करना है, अब अगर हम ही पीछे रह गए तो शायद ही हमारी अगली जनरेशन हिन्दी के महत्व को समझ पाएगी। बहुत बहुत शुभकामनायें इस लेख के लिए :) प्रसनीत यादव

    Pradeep Kesarwani के द्वारा
    24/09/2013

    प्रशांत जी ये तो है हिंदी ब्लॉग ने भी काफी हद तक हमारी मदद की हैं अपनी बातो को हिंदी में आगे की बढाने में, और अगर सब भाई बहन थोडा और प्रयाश करते हैं तो आने वाली जनरेशन भी हिंदी भाषा का महत्व समझेगी…. लेख पढ़ने और प्रोत्शाहन के धन्यवाद्

priyanka shrama के द्वारा
20/09/2013

आपका हिंदी के प्रति प्रेम अच्छा लगा आगे भी करते रहिये ………

    Pradeep Kesarwani के द्वारा
    24/09/2013

    जी बिलकुल प्रियंका जी लेख पढ़ने और प्रोत्शाहन के धन्यवाद्

ashutosh pandey के द्वारा
20/09/2013

आपकी कविता अच्छी लगी अभिलेख अच्छा है

    Pradeep Kesarwani के द्वारा
    24/09/2013

    आशुतोष जी लेख पढ़ने और प्रोत्शाहन के हार्दिक धन्यवाद्

prakash jaiswal के द्वारा
20/09/2013

बहुत सुन्दर लेख है ………..

    Pradeep Kesarwani के द्वारा
    24/09/2013

    प्रकाश जी लेख पढ़ने और प्रोत्शाहन के धन्यवाद्


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